मेरा परिचय

 

मानवता हि पंथ मेरा ,

                      इन्सानियत है पक्ष मेरा  ।

सबकी भलाई धर्म मेरा ,

                     दुविधाको हटाना कर्म मेरा ॥

एकजात बनाना वर्म मेरा ,

                      सब साथ  चलना मर्म मेरा ।

निच-उंच हटाना गर्व मेरा ,

                      गीरते को उठाना स्वर्ग मेरा ॥


Tukdoji Maharaj

दिव्य संदेश

अखिल विशव के मेरे आत्मस्वरूप भाई -बहनो । आपमे से हर व्यक्ति सुखि व उन्नत हो, हर देश सुरक्षित व समृध्द होकर रहे और संपूर्ण जगत, शान्तिपूर्ण तथा स्वर्गतुल्य बने, इसकी चिंता मै रातइन करता हू । इसी ध्येयमूर्ति ई पूजा मे मैने जीवनभर समस्त कार्यो के फूल झोंके, वाणीका एकेक शब्द अर्पित किया और मानसिक संकल्पो का निरन्तर धूप जलया ।